January 14, 2019 Lessons of Lord Shri Ram

Lessons of Lord Shri Ram

प्रभु श्रीराम का संदेश

हिंदू धर्म के प्रमुख तीन देवता ब्रह्मा,विष्णु और महेश है , जिन्हे त्रिदेव खा जाता है , भगवान श्री हरी विष्णु ने इस धरती को पाप से मुक्त करने के लिए विभिन्न युगों में इस धरती पर अपने कई अवतार लिए हैं। और धरती को पाप से मुक्त करा कर धर्म की स्थापना की है ,  भगवान विष्णु ने इस पृथ्वी पर कुल दस अवतारो में अवतरित हुए। जिसमें से भगवान श्री राम उनके सातवें  अवतार हैं। भगवान विष्णु का श्री राम अवतार सभी अवतारों में से सबसे ज्यादा प्रसिद्ध और पूजनीय माना जाता है।

भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम भी कहा जाता है। भगवान राम ने हर काम एक मर्यादा में रहकर किया, चाहे वह किसी प्रश्न का उत्तर हो या अपने माता पिता की आज्ञा का पालन करके चौदह वर्षों के लिए बनवास जाना हो, या अपनी पत्नी सीता के लिए रावण का वध करना हो। प्रभु श्रीराम ने अपने जीवन में मर्यादाओं का पालन करने के लिए अपना राज्य, मित्र, माता-पिता यहां तक की अपनी पत्नी माता सीता से भी दूर हो गये थे |

भगवान राम ने रघु कुल में जन्म लिया था जिसकी परंपरा है “प्राण जाए पर वचन न जाए” |

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